एक बादल


12 महीना ago
आज सुबह
बड़ी दुआओं से
एक बादल को बुलाया मैंने,
छत पे आहिस्ता से उतारा मैंने
कुछ गीला गीला सा
कुछ सूखा सूखा सा
मैंने पूछा
कब आओगे अपने साथियों संग
कब जमेगा बारिश का रंग
वो फफकते हुए बोला
कुछ कटे हुए पेड़ों की बददुआ है, वरना
बादल तो बरसने के लिए ही पैदा हुआ है…
(अज्ञात लेखक द्वारा लिखित)

प्रातिक्रिया दे