शब्द भी एक तरह का ‘भोजन’ है


5 महीना ago

“शब्द भी एक तरह का ‘भोजन’ है”

किस समय कौन सा ‘शब्द’ परोसना है,
वो आ जाये तो..
दुनियां में उनसे बढ़िया
रसोइया कोई नहीं है!

‘शब्द’ का भी अपना एक ‘स्वाद’ है,
बोलने से पहले स्वयं ‘चख’ लीजिये…
अगर खुद को ‘अच्छा’ नहीं लगेगा तो,
दूसरों को कैसे’ अच्छा’ लगेगा!!

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