संबंधों की कुंजी

लड़ लो -झगड़ लो  मगर बोलचाल बंद मत करो । सदा याद रखना, भले ही लड़ लेना-झगड़ लेना, पिट जाना-पीट read more

11 महीना ago

विक्रम साराभाई

1970 के समय तिरुवनंतपुरम में समुद्र के पास एक बुजुर्ग भगवद्गीता पढ़ रहे थे तभी एक नास्तिक और होनहार नौजवान read more

11 महीना ago

जी एस टी – अर्थात

चाहे जिधर से गुज़रिये* मीठी सी हलचल मचा दिजिये, उम्र का हर एक दौर मज़ेदार है अपनी उम्र का मज़ा read more

12 महीना ago

रिश्ते

रिश्ते अंकुरित होते हैं प्रेम से जिंदा रहते हैं संवाद से महसूस होते हैं संवेदनाओं से जिये जाते हैं दिल read more

12 महीना ago